डीएम कैसे बने?

डीएम कैसे बने

दोस्तो हम सभी जानते हैं कि डीएम यानि कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट जिले का सर्वोच्च अधिकारी होता है। डीएम के बारे में हम सभी ने कहीं न कहीं सुना ही होगा कि यह देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी में से एक है।

आज देश के लाखों युवा आईएस बनने का सपना देखते हैं और इस सपने को पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। निलोत्पल मृणाल द्वारा लिखी गई किताब डार्क हॉर्स की कहानी आईएएस बनने के सफर को लेकर है। इस उपन्यास की कहानी में आईएएस बनने का सपना देखने वाली आंखें हैं, सफलता न मिलने पर निराश मन है और आखिरी में कठिन परिश्रम के बाद मंजिल मिलने की खुशी भी है ।

अभी हाल ही में आई टीवीएफ की वेब सीरीज एस्पिरेन्ट्स डीएम बनने के सफर को दिखाती है। एस्पिरेन्ट्स सीरीज डीएम बनने के सफर में आने वाली मुश्किल, जी तोड़ मेहनत आदि तमाम पहलुओं पर प्रकाश डालती है।

दोस्तों इतना तो साफ है की डीएम बनना कोई आसान बात नहीं है। इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन मेहनत करने के लिए यह जानना भी बहुत जरूरी है कि मेहनत किस दिशा में की जाए? तो दोस्तों आज इस के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि डीएम कैसे बना जाता है? तैयारी कैसे की जाती है? कितने घंटे पढ़ना पड़ता है? इन सारे सवालों का जवाब हम आज इस आर्टिकल में देंगे। 

 

आइए पहले डीएम पद के बारे में संक्षेप में जानते है।

डीएम का पद जिले का सबसे बड़ा पद होता है। डीएम भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी होता है। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखना डीएम की जिम्मेदारी होती है। जिले में न्याय व्यवस्था कायम रखना डीएम की जिम्मेदारी होता है।  वह यह सुनिश्चित करता है कि जिले में कानून व्यवस्था बनी रहे, जिले में शांति का वातावरण रहे।

 

डीएम का फुल फॉर्म क्या होता है 

अंग्रेजी में डीएम का फुल फॉर्म डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और शॉर्ट फॉर्म में डीएम कहते हैं। हिंदी में इसका अर्थ जिला न्यायाधीशहोता है।

 

डीएम पद हेतु निर्धारित योग्यता

डीएम बनने के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन है। किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट अभ्यार्थी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपने अपनी ग्रेजुएशन चाहे साइंस स्ट्रीम से की हो चाहे आर्ट्स स्ट्रीम से की हो। आप डीएम बनने के लिए वांछित योग्यता रखते हैं। आप चाहे मेडिकल स्ट्रीम से हो, चाहे टेक्निकल स्ट्रीम से हों, चाहे आर्ट्स से, चाहे कामर्स से आप इस परीक्षा के लिए न्यूनतम योग्यता रखते हैं।

वहीं अगर उम्र की बात करें तो डीएम बनने के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए। अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से अधिकतम उम्र सीमा अलग-अलग है। बता दें कि भारतीय संविधान आर्थिक रूप से पिछड़े, अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को आरक्षण प्रदान करता है। इसी आरक्षण के तहत इस परीक्षा में हर वर्ग की अधिकतम उम्र सीमा अलग है।

  • सामान्य वर्ग के अभ्यार्थियों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष है तथा अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष है।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यार्थियों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष है तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष है।
  • एससी और एसटी वर्ग के अभ्यार्थियों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष है तथा अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष है।

 

डीएम पद हेतु शैक्षिणिक योग्यता 

किसी भी स्ट्रीम से 10+2 या उसके समकक्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की है क्योंकि जैसा कि हमने बताया कि डीएम बनने के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन है। यदि आपने ग्रेजुएशन नहीं की है तो आप डीएम बनने के लिए वांछित योग्यता पूरी नहीं करते।

आप चाहे तो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाली कोचिंग संस्थान भी ज्वाइन कर सकते हैं। कोचिंग संस्थान सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हैं। 

दोस्तो अब आप लोग सोच रहे होंगे कि डीएम बनने के लिए आखिर कौन सी परीक्षा दी जाती है तो जैसा कि हमने बताया डीएम एक प्रशासनिक अधिकारी होता है, तो प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए परीक्षा तो होगी। दोस्तों डीएम बनने के लिए कराई जाने वाली परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करता है। संघ लोक सेवा आयोग को शॉर्ट फॉर्म में यूपीएससी के नाम से जानते हैं।

यूपीएससी हर वर्ष परीक्षा का आयोजन करता है। इस परीक्षा का नाम इंडियन सिविल सर्विस एग्जाम होता है। इस नौकरी को भारतीय प्रशासनिक सेवा के नाम से जानते हैं और इस एग्जाम को पास करने वाले कैंडिडेट भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी कहलाते हैं।

 

सिविल सर्विस एग्जाम 

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाला सिविल सर्विस एग्जाम साल में एक बार होता है । इस एग्जाम के 3 भाग होते हैं  – पहला प्रारंभिक परीक्षा, दूसरा मुख्य परीक्षा, तीसरा इंटरव्यू।

प्रारंभिक परीक्षा – प्रारंभिक परीक्षा के अंतर्गत 2 पेपर होते हैं दोनों पेपर 200 200 नंबर के होते हैं। प्रत्येक पेपर के लिए आपको 2 घंटे का समय दिया जाता है। ये दोनों पेपर बहुविकल्पीय होते हैं।

मुख्य परीक्षा –  मुख्य परीक्षा में 9 पेपर होते हैं। इन नौ पेपर्स में से केवल सात के मार्क्स आपकी मेरिट में जोड़े जाते हैं। बाकी 2 पेपर सिर्फ क्वालीफाई करने होते हैं। उन दो पेपरों के मार्क्स मेरिट में नहीं जोड़े जाते हैं।

इंटरव्यू – मुख्य परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को इंटरव्यू देने का मौका मिलता है। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर मेरिट तैयार की जाती है। परीक्षा में चयनित विद्यार्थी ट्रेनिंग के लिए लबासना भेजे जाते हैं। इस संस्थान का पूरा नाम लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक एकेडमी है। 

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकेडमी 

यह मसूरी में स्थित है। इसका नाम पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखा गया है। इस संस्थान की स्थापना 1 सितंबर 1959 ईस्वी में हुई थी। सिविल सर्विस एग्जाम पास करने वाले सभी विद्यार्थियों को ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकैडमी में भेजा जाता है।  यहां देश के भावी प्रशासनिक अधिकारी ट्रेन किए जाते है। 

 

भारतीय प्रशासनिक सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

सिविल सर्विस एग्जाम क्वालीफाई करने के बाद आपको निम्न क्षेत्रों में नौकरी करने का मौका मिलता है –  आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, आईआरएस।

आईएएस का पूरा नाम जैसे हमने आपको बताया इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस होता है। आईपीएस का पूरा नाम इंडियन पुलिस सर्विस होता है। आई एफ एस का पूरा नाम इंडियन फॉरेन सर्विस होता है और आई आर एस का पूरा नाम इंडियन रेवेन्यू सर्विस होता है।

 

सिविल सर्विस एग्जाम का फॉर्म कैसे भरें ।

सिविल सर्विस एग्जाम का फॉर्म संघ लोकसेवा आयोग जारी करता है। जब यह फॉर्म आता है तो फॉर्म का नोटिफिकेशन संघ लोकसेवा आयोग की वेबसाइट पर आ जाता है। 

  1. सबसे पहले संघ लोकसेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। वेबसाइट का पता है – www.upsc.gov.in
  2. वहाँ सिविल सर्विस एग्जाम का नोटिफिकेशन ढूँढे। 
  3. उसके बाद सिविल सर्विस एग्जामिनेशन चूज करें। इसमें प्रारम्भिक परीक्षा सेलेक्ट करें।
  4. अब अपना रेजिस्ट्रेशन करें और मांगी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को दर्ज करें।
  5. सभी जानकारी दर्ज करने के पश्चात एग्जाम सेंटर का चुनाव करें।
  6. उसके बाद आप अपना दस्तावेजों को डोले। (Documents Upload)
    1. अपनी पासपोर्ट साइज फ़ोटो अपलोड करें।
    2. अपना सिग्नेचर अपलोड करें।
    3. अपना पहचान पत्र अपलोड करें।
  7. सारी डिटेल्स को दोबारा चेक करें और उसके बाद Agree बटन पर क्लिक करें।
  8. फीस सबमिट करें और फॉर्म को प्रिंट कर लें।

 

डीएम बनने के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण बातें

दोस्तो यदि आप डीएम बनना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन लेवल से ही इसके लिए तैयारी करना शुरू कर दोम् आप में से कई लोग ऐसे भी होंगे जिन्होंने ग्रेजुएशन लेवल पर डीएम बनने के बारे में नहीं सोचा होगा। इस कारण उन्होंने तब तैयारी भी नहीं शूरू की होगी तो उनको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। हां अभी भी तैयारी शुरू कर सकते हैं।

  • डीएम बनने के लिए बहुत जरूरी है कि आपको देश विदेश की खबरू राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था आदि के बारे में जानने में दिलचस्पी हो।
  • रोज अखबार पढ़ने की आदत विकसित करें क्योंकि इससे आपके करंट अफेयर्स का नॉलेज बढ़ेगा और आपकी समझ विकसित होगी। प्रमुख समाचार पत्रों में द हिंदू ,इंडियन एक्सप्रेस, दैनिक जागरण, जनसत्ता आते हैं। इन अखबारों में द हिन्दू अखबार परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बहुत ही ज्यादा सहायक सिद्ध होता है।
  • अपनी तैयारी की शुरुआत एनसीईआरटी की किताबें पढ़ने से करें। एनसीईआरटी कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की इतिहास, भूगोल, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र आदि किताबें पढ़ें और अपने नोट्स बनाएं।
  • अपना एक व्यवस्थित टाइम टेबल बनाएं। टाइम टेबल बनाकर पढ़ना फायदेमंद रहता है। सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि एक निश्चित समय सीमा में आप अपना सिलेबस पूरा कर लेते हैं। टाइम टेबल बनाने का मतलब यह नहीं है कि 2 दिन फॉलो किया और उसके बाद भूल गए। अपने टाइम टेबल को पूरी ईमानदारी के साथ फॉलो करें। वीकेंड पर जो हफ्ते भर पढ़ा है, उसका रिवीजन करें।
  • आप चाहे तो कोचिंग की मदद भी ले सकते हैं। कोचिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों में उपलब्ध हैं। देशभर में एक से एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान आईएएस ऑफिसर बनने की तैयारी करवाते हैं। आप में से कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो इन कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस अफ़ार्ड नहीं कर सकते तो उनके लिए घबराने की बात नहीं है। वह स्वाध्याय से भी इस परीक्षा में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। एक बात ध्यान रखिए, यह परीक्षा कड़ी मेहनत की मांग करती है। अगर आप में यह जुनून है तो आप इस परीक्षा में कामयाबी जरूर हासिल करेंगे।
  • पुरानी प्रश्न पत्रों को सॉल्व करें। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न का एक आईडिया मिल जाता है। इसके अलावा टेस्ट सीरीज भी ज्वाइन कर सकते हैं।
  • एग्जाम के सिलेबस को बहुत ध्यान से समझो। उसके आधार पर अपनी रणनीति बनाएं।
  • पढ़ाई के साथ-साथ अपने नोट्स भी बनाएं। नोट्स बनाने के दो फायदे होंगे एक तो आपके लिखने की प्रैक्टिस हो जाएगी साथ ही रिवीजन के लिए नोट्स काफी हेल्पफुल रहते हैं।
  • डीएम बनना बिल्कुल भी आसान नहीं है। इसके लिए लोगों को बहुत मेहनत करनी होती है परंतु कई बार ऐसा भी होता है कि जी तोड़ मेहनत करने के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगती। ऐसे में अपने फैलियर से हमें सीखना चाहिए और दोबारा वह गलतियां नहीं रिपीट करनी चाहिए। हमेशा याद रखें कि एक हार आपकी काबिलियत सिद्ध नहीं करती। इसलिए असफलता मिलने पर निराश न हो बल्कि दुगने जोश और उत्साह से अपनी तैयारी दोबारा शुरू करें। ऐसे बहुत से आईएएस ऑफिसर हैं जो चार- पांच बार रिजेक्ट होने के बाद भी हार नहीं माने और आखिर में उन्हें सफलता हासिल हुई है।

 

डीएम की सैलेरी

दोस्तो डीएम की नौकरी एक प्रतिष्ठित नौकरी है। इस नौकरी में इज्जत, रुतबा, पावर सब कुछ मिलता है। एक डीएम के रूप में आप समाज के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। समाज की बेहतरी के लिए अनेक काम कर सकते है और जहां तक बात सैलेरी कि है तो डीएम की सैलरी 70000 से 80000 रुपए के बीच होती है। इसके अलावा डीएम को सरकार अन्य बहुत सी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। उसे रहने के लिए सरकारी आवास मिलता है। सरकारी गाड़ी मिलती है तथा ड्राइवर और अन्य कर्मचारी भी उपलब्ध कराये जाते हैं।

 

डीएम के कार्य

एक नागरिक के रूप में आप अपने देश की तरक्की के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। इस प्रतिष्ठित नौकरी होने के साथ ही यह नौकरी आपको समाज सेवा का भी अवसर देती है।

जिले में न्याय व्यवस्था को बनाये रखना डीएम का कार्य होता है। 

जिले का राजस्व एकत्र करना और राजस्व से जुड़ी बातों की जानकारी रखना डीएम का कार्य होता है।

वह सरकार के द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं और सरकारी नीतियों को जिले में लागू करता है।।

 

निष्कर्ष

तो दोस्तों आज इस आर्टिकल में हमने जाना कि डीएम कैसे बना जाता है? हमने आपको बताया कि डीएम बनने के लिए कौन सा एग्जाम दिया जाता है। परीक्षा की तैयारी कैसे करें, कौन सी पुस्तकें पढ़ें। यदि आप भी प्रशासनिक सेवा में आना चाहते हैं तो यह नौकरी आपके लिए बहुत अच्छा ऑप्शन है। दोस्तों संघ लोक सेवा आयोग के अलावा हर राज्य राजकीय प्रशासनिक सेवा से जुड़ी नौकरियां निकालता है। आप चाहें तो उन नौकरियों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। दोस्तों उम्मीद है कि आपको हमारा आज का यह आर्टिकल बेहद पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य ज्ञानवर्धक आर्टिकल को पढ़ने हेतु बने रहिए हमारे साथ धन्यवाद।

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